समस्त रचनाकारों को मेरा शत शत नमन .....

मंगलवार, 31 मई 2011

एक धोखा खाए हुए आशिक की स्थिती

सनम तेरे प्यार में हम बेवफा हो जायेंगे
सनम तेरे प्यार में हम बेवफा हो जायेंगे
तेरे खातिर जीते है हम, तु कहे तो मर जायेंगे!!
तेरी एक पल की नजर कर दे मुझको घायल 
तेरी बजे जो पायल ,तो बन जाऊ मै शायर !
शायरी में भी  तु ही मिले, निकले दिल के अरमान !!
प्यार करू मै तुझसे
 बेवफाई न हो मुझसे !
प्रीत किया था हमने तुझसे 
प्रेम रूपी कोई ई - मेल नहीं !
प्रेम का मतलब तु क्या जाने 
ये कोई ढाई अक्षर का खेल नहीं !!
हमने तो निभाया अपना फर्ज 
    तुने बेदर्द बना दिया 
दिल के इस नाजुक रिश्ते को 
तुने कुछ पल में भुला दिया !!
सनम तेरे प्यार में हम बेवफा हो जायेंगे
तेरे खातिर जीते है हम, तु कहे तो मर जायेंगे!!
Mani Bhushan Singh





रविवार, 29 मई 2011

झिलमिल तारे {सुभद्राकुमारी चौहान}


कर रहे प्रतीक्षा किसकी हैं
झिलमिल-झिलमिल तारे?
धीमे प्रकाश में कैसे तुम
चमक रहे मन मारे।।

अपलक आँखों से कह दो
किस ओर निहारा करते?
किस प्रेयसि पर तुम अपनी
मुक्तावलि वारा करते?

करते हो अमिट प्रतीक्षा,
तुम कभी न विचलित होते।
नीरव रजनी अंचल में
तुम कभी न छिप कर सोते।।

जब निशा प्रिया से मिलने,
दिनकर निवेश में जाते।
नभ के सूने आँगन में
तुम धीरे-धीरे आते।।

विधुरा से कह दो मन की,
लज्जा की जाली खोलो।
क्या तुम भी विरह विकल हो,
हे तारे कुछ तो बोलो।

मैं भी वियोगिनी मुझसे
फिर कैसी लज्जा प्यारे?
कह दो अपनी बीती को
हे झिलमिल-झिलमिल तारे!